विद्यार्थी अक्सर सवाल करते हैं
Sir! कितने घंटे सोना चाहिए?
ये सवाल नहीं उनके मन की पीड़ा है
उनको समझाया गया है
विद्यार्थी की निद्रा, स्वान निद्रा !
पर उनका अनुभव तो
कुछ और ही कहता है
उनको कैसे समझाऊं
जब दो लोंगों की उंगलियों के निशान
एक जैसे नहीं होते
नींद का समय एक जैसा
कैसे हो सकता है?
हर एक को अपने लिए
तय कर लेना चाहिए
थोड़े दिन प्रयोग करके
कि कितनी नींद उसे जरूरी है।
बच्चा अठारह घंटे सोता है,
बीस घंटे सोता है।
मां के पेट में ..
वह चौबीस घंटे सोता है।
उस वक्त उसके शरीर में
निर्माण हो रहा है।
इसलिए जागने की फुर्सत नहीं है।
फिर जैसे—जैसे शरीर की निर्माणकारी शक्तियां
कम होने लगती हैं
यानी शरीर में ज्यादा सेल्स टूटते हैं
और बनते कम हैं,
वैसे—वैसे नींद कम होती चली जाती है।
बुढापे में सेल्स टूटते ही हैं बनते नहीं हैं,
इसलिए नींद खतम हो जाती है।
तो नींद का कम हो जाना कोई अच्छा लक्षण नहीं है।
शुभ रात्रि.....!
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