Today's thought

बच्चा....
न देखा कभी, स्थिर
हमेशा दौड़ता,
खेलता....
जीवन के करीब है वो
या कहूँ जीवन ही है
जीवन और श्रम
एक ही चीज के दो नाम
सुबह सुबह
चल पड़ा सूरज
पंछी चल पड़े
चल पड़ा पूरा संसार
जो रुका रह गया
कहीं खो गया जीवन....
शुभ प्रभात....

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