सुबह उठते ही,
कल्पना करें,
बहुत प्रसन्न हो।
बिस्तर से प्रसन्न-चित्त उठें,
आशा-पूर्ण--
जैसे कुछ बहुमूल्य होने जा रहा हो।
आज कुछ अनूठा,
इसे दिन-भर
बार-बार
स्मरण रखने की कोशिश करें।
एक सप्ताह के भीतर अनुभव होने लगेगा
बिना किसी कारण के प्रसन्न रहने लगे हो—
बिना किसी कारण.......
No comments:
Post a Comment